संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

कृष्ण सुदामा चरित्र सुनकर श्रद्धालु हुऐ भाव विभोर
बरेली। हरिओम नगर बरेली में चल रही संगीतमय श्रीमदभागवत कथा के विश्राम दिवस (7वां दिन) कथा व्यास पं. सुरेन्द्र शास्त्री ने कथा के माध्यम से बताया कि कथा आज भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का समापन उत्सव है।
उन्होंनें सुदामा चरित्र के माध्यम से अटूट मित्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण की कथा सुनाई। कथावाचक भगवान कृष्ण की लीलाओं का सार।
कथा का उद्देश्य और अंत में भव्य हवन, कीर्तन व प्रसाद वितरण के साथ कथा को विस्तार से सुनाया। गुरूवार को विश्राम दिवस पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया जो यह सिखाता है।
कि भगवान भाव के भूखे हैं, धन-दौलत के नहीं। यह मित्रता की गरिमा और निस्वार्थ प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है। भागवत कथा का अर्थ केवल सात दिन की कथा सुनना नहीं, बल्कि कथा को जीवन में उतारना है।
कथा विश्राम के बाद हुआ प्रसादी वितरण
यह संसार से भागना नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए ईश्वर से जुडऩा सिखाती है। जीवन में आए दुखों का कारण भगवान से दूरी है।
कथा के माध्यम से उन्हानें संदेश दिया कि जैसे मां की थपकी से बच्चा चुप हो जाता है, वैसे ही जीव को परमात्मा की शरण में ही वास्तविक सुख व शांति मिलती है।
कथा के अंत में हवन-पूजन के साथ कथा की पूर्णाहुति की गई, जिससे वातावरण शुद्ध और भक्तिमय हो गया। विश्राम दिवस पर राधे-राधे और हरि बोल के जयकारों के साथ भव्य भजन-कीर्तन हुआ।
कथा व्यास ने बताया कि कथा विश्राम का अर्थ समापन नहीं होता, क्योंकि कथा केवल प्रारंभ होती है इसका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में भक्ति का उदय करना है।
उन्होंने आगे कहा कि कृष्ण सुदामा की मित्रता से सीखने की आवश्यकता हे, आजकल लोग स्वार्थ सिद्धि में लगे हुऐ हैं, परम वैभव जव ही प्राप्त होता है जव आप निश्वार्थ भाव से भगवान श्रीकृष्ण राधा जी की आराधना में लग जाऐंगे।
उपस्थित हजारों श्रद्धालु कृष्ण सुदामा चरित्र सुनकर भाव विभोर हो गये। कथा विश्राम के बाद प्रसादी वितरण हुआ, इस कथा के मुख्य आयोजन कर्ता श्री आदर्श शिव महिला मंडल के साथ वार्ड के समस्त नागरिकों के जन सहयोग से यह कथा कराई गई।
जिसमें नगर परिषद बरेली हिन्दु उत्सव समिति, क्षेत्रीय पत्रकार संगठन, बरेली नगर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पूजा पब्लिक स्कूल सहित अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भरपूर सहयोग प्रदान किया।
सहयोग किसी भी रूप में किया जा सकता है। आदर्श शिव महिला मंडल समिति के सदस्यों द्वारा कथा व्यास पं. सुरेन्द्र शास्त्री को स्मृति चिन्ह के रूप में क्षेत्र के सिद्ध स्थल छींद धाम विराजित श्रीहनुमान जी का चित्र भेंट किया।
कथा व्यास जी ने मातृशक्ति के द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए आदर्श शिव महिला मंडल समिति की सदस्यों को आशीर्वाद स्वरूप उन्होंने स्मृति चिन्ह श्री राधाकृष्ण का चित्र भेंट किया।
आदर्श शिव महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमति सुनीता ठाकुर, पूजा पब्लिक स्कूल की संचालक श्रीमति नीता धाकड, सुश्री रानू पटेल के द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
इस कार्यक्रम के सूत्रधार संयोजक ठाकुर हुकम सिंह एडवोकेट ने बताया कि यह कार्यक्रम हमारी आदर्श शिव महिला मंडल की मातृशक्ति के द्वारा प्रतिवर्ष कराया जाता है, हमारे वार्ड के सभी गणमान्य नागरिक आमजन भरपूर सहयोग करते रहे हैं, इस बार भी सभी ने तन, मन, धन से सहयोग किया है।
यह आयोजन सभी के कल्याण के लिए किया जाता है, निरंतर पांच वर्षों से इस मंदिर प्रांगण में कथा आयोजित हो रही है मैं सभी दानदाताओं का वार्डवासियों का, बाहर से पधारे सभी गणमान्य नागरिकों का जिन संगठनों ने किसी न किसी रूप में सहयोग किया है मैं सभी का आभार व्यक्त करता हॅंू।
युवा समाजसेवी भूपत सिंह ठाकुर ने भी अपने उदबोधन में इस कार्यक्रम की रूप रेखा के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि ईश्वर की प्रेरणा से हमारे वार्डवासियों के जन सहयोग से यह धर्म की ध्वजा निरंतर कथा के रूप में चल रही है हम सभी का आभार व्यक्त करते हैँ।
पूजा पब्लिक स्कूल की संचालक श्रीमति नीता धाकड ने बहुत ही धार्मिकता से ओतप्रेात उदबोधन में श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस से लेकर सात दिवस केे अंदर जो व्यास पीठ से कथा सुनाई उसका उन्होंने संक्षेप में वर्णन करते हुऐ बताया।
कि इस कथा से हम सभी को सीख लेने की आवश्यकता है ओर भक्ति मार्ग पर चलने की आवश्यकता है, आज हम सभी वार्डवासी इस धार्मिक पुनीत कार्य के सफल आयोजन के लिए हम बहुत प्रसन्न है।
और हम सभी आपसी प्रेम स्नेह से आगामी समय में भी ओर अच्छे धार्मिक कार्य यहां पर होते रहेंगे।
