संवाददाता: अवनीश शर्मा। गैरतगंज

गैरतगंज। जिले में कलेक्टर के सख्त आदेशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध रूप से बोरिंग मशीनों का संचालन थमने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा मामला ग्राम अंधियारी का है, जहां मंगलवार को प्रशासन ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। लेकिन इस कार्रवाई ने अब क्षेत्र में नई चर्चाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
सूचना के आधार पर गैरतगंज प्रशासन की टीम ने ग्राम अंधियारी में दबिश दी थी, जहां दो बोरिंग मशीनें अवैध रूप से खनन कार्य में लगी हुई थीं।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने मौके से केवल एक बोरिंग मशीन को जब्त कर थाना गैरतगंज में खड़ा करवाया है। वहीं, मौके पर मौजूद दूसरी मशीन को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
चर्चाओं का बाजार गर्म
एक ही स्थान पर अवैध कार्य कर रही दो मशीनों में से केवल एक पर सख्ती और दूसरी पर ‘मेहरबानी’ को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
ग्रामीण और प्रत्यक्षदर्शी यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वह क्या वजह थी कि एक मशीन संचालक पर तो कानून का डंडा चला, जबकि दूसरे को प्रशासनिक संरक्षण मिल गया ?
कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना
उल्लेखनीय है कि जल स्तर गिरने की आशंका और आगामी गर्मी के सीजन को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा बिना अनुमति के बोरिंग मशीनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके बावजूद गैरतगंज क्षेत्र में धड़ल्ले से मशीनें चल रही हैं। अंधियारी की इस आधी-अधूरी कार्रवाई ने अब राजस्व और पुलिस विभाग की निष्पक्षता पर सवाल उठा दिए हैं।
इन सवालों के जवाब का इंतजार :
आखिर दूसरी मशीन को जब्त क्यों नहीं किया गया?
क्या दूसरी मशीन के संचालक को पहले ही सूचना मिल गई थी या उसे किसी बड़े रसूख का संरक्षण प्राप्त है?
क्या प्रशासन इस मामले में स्पष्टीकरण देगा कि कार्रवाई में यह भेदभाव क्यों बरता गया?
