संवाददाता: अवनीश शर्मा। गैरतगंज

एंबुलेंस भी जाम में बेबस
गैरतगंज: शहर की मुख्य सड़कों पर अवैध पार्किंग और बेतरतीब खड़े ट्रैक्टर-ट्रालियों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
प्रशासन की ढिलाई के चलते वाहन चालक मनमाने ढंग से बीच सड़क पर अपने वाहन पार्क कर गायब हो रहे हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है-
बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
मरीजों पर भारी पड़ रही है। ‘नो पार्किंग’
सबसे दुखद स्थिति आपातकालीन सेवाओं की है।
सड़क के दोनों ओर और कभी-कभी बीचों-बीच खड़े इन भारी वाहनों के कारण एंबुलेंस को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है।
गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए जा रहे मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण पर प्रशासन की पकड़ न होने के कारण जीवन रक्षक वाहन भी घंटों रेंगने को मजबूर हैं।

राहगीर परेशान, जिम्मेदार मौन
राहगीरों का कहना है कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा घेरे जाने के कारण पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि:
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होने से नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
रात के समय बिना रिफ्लेक्टर के खड़े ये वाहन ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रहे हैं।
शिकायत के बावजूद पुलिस और नगर पालिका प्रशासन इस अतिक्रमण को हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
बढ़ती दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
बीते कुछ दिनों में इन खड़े वाहनों की वजह से कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
अगर प्रशासन ने जल्द ही इन ट्रैक्टर-ट्रालियों को हटाने और इनके मालिकों पर सख्त कार्रवाई करने का कदम नहीं उठाया, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
