संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की बरेली तहसील मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शासकीय पीजी कॉलेज में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं, अवैध गतिविधियों और छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्राचार्य को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रखी गई मांगे इस प्रकार है
पेयजल की समस्या:
महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं हेतु शुद्ध पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को भारी असुविधा होती है।
अनुचित व्यवहार:
महाविद्यालय के कुछ प्राध्यापकों एवं लिपिकीय (बाबू) कर्मचारियों का व्यवहार महिला प्राध्यापकों के प्रति अशोभनीय है, जो कि संस्थान की गरिमा के विरुद्ध है।
समयबद्धता का अभाव: प्राध्यापक समय पर महाविद्यालय नहीं आते। वे ‘सार्थक एप’ पर उपस्थिति दर्ज कर कार्यस्थल से अनुपस्थित रहते हैं।
जिससे कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग पा रही हैं।
अवैध वसूली: शासन के नियमानुसार मेधावी एवं संबल कार्ड धारी छात्राओं से शून्य (0) शुल्क का प्रावधान है, इसके बावजूद उनसे अवैध रूप से राशि ली जा रही है।
प्रशासनिक शिथिलता: महाविद्यालय के विभाग समय पर नहीं खुलते हैं। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए ड्रेस कोड, आईडी कार्ड और लाइब्रेरी कार्ड की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए।
सांस्कृतिक गतिविधियों का अभाव: महाविद्यालय में वार्षिक उत्सव का आयोजन नहीं किया जा रहा है, जिससे छात्रों की प्रतिभा दब रही है।
अवैध गतिविधियां: महाविद्यालय परिसर के ठीक सामने स्थित झोपड़ियों में अनैतिक गतिविधियां संचालित होती हैं, जिन्हें तत्काल हटाना अत्यंत आवश्यक है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीजी कॉलेज पहुंचे।
संगठन का आरोप है कि कॉलेज परिसर में लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है।
साथ ही कॉलेज से जुड़ी अन्य मूलभूत समस्याओं के कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दे कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दायित्वबान कार्यकर्ताओं , ने बताया कि ,,, हमने आज प्राचार्य महोदय को ज्ञापन सौंपा है।
कॉलेज में बाहरी तत्वों का हस्तक्षेप और अवैध गतिविधियां बढ़ गई हैं। हमने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के अंदर हमारी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने भी प्राचार्य के समक्ष अपनी समस्याओं को खुलकर रखा। वहीं, कॉलेज प्राचार्य और शिक्षकों ने छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
कॉलेज प्राचार्य नीरज दुबे का कहना था कि “छात्रों ने अपनी मांगें रखी हैं। कॉलेज के अंदर की समस्याओं का निराकरण हम जल्द से जल्द करेंगे।
जहां तक कॉलेज के बाहर चल रहे अवैध अतिक्रमण का सवाल है, वह शासन-प्रशासन का विषय है। हमने भी कई बार इसके लिए शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”
अब देखना यह होगा कि ABVP द्वारा दी गई 7 दिनों की समय सीमा में प्रशासन क्या कदम उठाता है, या फिर छात्रों को एक बार फिर सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
