संवाददाता : अशोक सोनी। बरेली

जनता की शिकायतों में ढिलाई पर कड़ी चेतावनी
— एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी सख्त कार्यवाही
नर्मदापुरम जिले के प्रशासनिक तंत्र में सोमवार को उस समय भारी हलचल मच गई जब कलेक्टर Sonia Meena ने समय-सीमा की बैठक में कई विभागों की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त कर दी।
कलेक्टर के सख्त तेवरों से बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच खामोशी और बेचैनी साफ दिखाई दी।
जनता की शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान CM Helpline में कई विभागों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया।
इस स्थिति पर कलेक्टर सोनिया मीना ने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं को महीनों और वर्षों तक लंबित रखना गंभीर लापरवाही है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संस्थागत वित्त, राजस्व, ग्रामीण विकास, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर कठोर टिप्पणी करते हुए चेतावनी दी कि यदि आगामी एक सप्ताह में स्थिति में स्पष्ट सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक के दौरान 500 दिन और 1000 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की जांच भी की गई।
कई मामलों में अत्यधिक देरी सामने आने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिए कि सभी पुराने मामलों की गंभीरता से जांच कर तत्काल उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए संभावित पेयजल संकट को लेकर भी कलेक्टर ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने Public Health Engineering Department को निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल के दौरान कहीं भी पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि हैंडपंपों के सुधार कार्य, नल-जल योजनाओं की जांच तथा जल स्रोतों की स्थिति का नियमित निरीक्षण तत्काल किया जाए।
यदि किसी क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न होती है तो वहां टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आमजन की सुविधा के लिए प्याऊ की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अगले दो दिनों के भीतर सभी तहसीलों से उपार्जन केंद्रों के प्रस्ताव अनिवार्य रूप से भेजे जाएं तथा किसानों के पंजीकरण का सत्यापन शीघ्र पूरा किया जाए ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही Pradhan Mantri Awas Yojana के अंतर्गत पट्टा वितरण और परियोजना अनुमोदन की धीमी प्रगति पर भी कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चल रहे Jal Ganga Samvardhan Abhiyan के तहत कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि नहरों और अन्य जल संरचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया जाए-
ताकि उनके संरक्षण और प्रबंधन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी Himanshu Jain, अपर कलेक्टर Anil Jain सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समय-सीमा की इस बैठक में कलेक्टर सोनिया मीना का दृढ़ और सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
जिस प्रकार उन्होंने लापरवाही पर कठोर रुख अपनाया, उससे पूरे जिला प्रशासन में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर तेज हलचल दिखाई देने लगी है।
