संवाददाता : अशोक सोनी। बरेली

धार्मिक संस्थाओं के साथ बडी संख्या में सैकडों धर्मप्रेमी रहेे मौजूद
बरेली। बरेली नगर के प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर दालमिल में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी संगीतमय श्रीमद भागवत कथा कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई।
कलश यात्रा दोपहर १२ बजे से मानस सत्संग भवन से होकर निकली जिसमें बडी संख्या में माताऐं बहिनों के साथ बरेली नगर के धर्मप्रेमी बंधु उपस्थित रहे। इस आयोजन को लेकर आदर्श शिव महिला मंडल एवं वार्डवासियों के द्वारा व्यापक तैयारियां की थी।

कथा व्यास क्षेत्र के जाने माने ज्योतिषाचार्य प्रसिद्ध कथा वाचक पं. सुरेन्द्र जी शास्त्री भोपाल के द्वारा सुनाई जा रही है। इस कलश शोभायात्रा बैंड बाजों और आतिशवाजी के साथ निकली जिसका जगह जगह लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया।
इस शोभायात्रा में बरेली हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष पं. दिनेश बबेले, पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम पालीवाल, सचिव सचिन शांडिल्य, समाजसेवी शारदाप्रसाद सराठे, मनीष मदरवंशी, राजू सराठे, अधिवक्ता संतोष राय के साथ अन्य लोग भी इस शोभायात्रा में उपस्थित रहे।
मंदिर प्रांगण पहुंचकर पूरे वैदिक विधिविधान से कथा प्रारंभ हुई। पं. महेश कुमार शर्मा ने पूरे वैदिक विधि विधान से इस कथा के मुख्य यजमान पं. उमेश शर्मा के द्वारा विधिविधान से पूजन अर्चना की गई।
स्थानीय वार्डवासी पूर्व पार्षद सीएल पटेल, पूर्वनगर परिषद उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह पटैल, पं.संतोष पचौरी, महानंद पटेल, रामकुमार श्रीवास्तव, रमेश सराठे, चंदन सिंह ठाकुर, रमेश धाकड(शिक्षक) देवेन्द्र द्विवेदी, भूपतसिंह ठाकुर, सुनील पटेल, ब्रजेश श्रीवास्तव, गिरधर ठाकुर, रमेश चौहान, रामकुमार ठाकुर, उपेन्द्र विश्वकर्मा, अजय राजपूत, बब्लू राजपूत, केशरसिंह धाकड के साथ ही बडी संख्या में अन्य गणमान्य नागरिकों ने कथा स्थल पहुंचकर प्रथम दिवस की कथा श्रवण की।
कथा व्यास पं. सुरेन्द्र जी शास्त्री के द्वारा श्रीमद भागवतकथा के बारे में विस्तार से व्याख्या की और बताया कि श्रीमद भागवत का क्या महत्व है। और इसका श्रवण करने से उसको कितने पुण्यों की प्राप्ति होती है, साथ ही धुंधकारी की कथा के बारे में विस्तार से बताया कि धुंधकारी कैसा था।
अन्य कथाओं के बारे में धर्मप्रेमी बंधुओं क ो विस्तार से बताया। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सुनाई जाती है।
