संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

शक्ति आराधना का महापर्व वासंतिक (चैत्र) नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ हो रहा है, जिसके साथ ही भारतीय नवसंवत्सर का शुभारंभ भी होगा।
नवरात्र के नजदीक आते ही शहर और ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
देवी मंदिरों में रंग रोगन, सजावट की जा रही है।
मंदिरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है, वहीं श्रद्धालु भी विशेष अनुष्ठान और पूजन की तैयारियों में जुट गए हैं।
मंदिरों के आसपास अस्थायी फल-फूल और पूजन सामग्री की दुकानें सजने लगी हैं, जहां लोगों की आवाजाही बढ़ रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार नवरात्र में माता रानी का आगमन और प्रस्थान डोली पर होगा, जिसे चुनौतियों का संकेत माना जाता है।

नवरात्र के प्रथम दिन माता शैल पुत्री का पूजन किया जाएगा
ऐसे में श्रद्धालु विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे हैं।
नवरात्र के प्रथम दिन माता शैल पुत्री का पूजन किया जाएगा। इसी दिन से रौद्र नामक संवत्सर की शुरुआत होगी, जिसे जप, तप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ माना गया है। इस संवत्सर के राजा देवगुरु बृहस्पति माने गए हैं।
मंदिरों सहित अन्य देवी स्थलों पर तैयारियां जोरों पर
शहर के खेड़ापति माता मंदिर, जल चढ़ाने वाली भीड़ कल से सुबह चार बजे से प्रारंभ हो जाएगी शक्ति धाम, देवी दुर्गा मंदिर और मां काली मंदिर सहित अन्य देवी स्थलों पर तैयारियां जोरों पर हैं।
मंदिरों की सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक सजावट का कार्य निरंतर जारी है। श्रद्धालु घरों में भी पूजन की तैयारियों में व्यस्त हैं।
महिलाएं व्रत और पूजन के लिए आवश्यक सामग्री जुटा रही हैं। मंदिरों के आसपास पूजन सामग्री की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। नारियल, चुनरी और अन्य सामग्री उपलब्ध है।
महाष्टमी 26 मार्च को मनाई जावेगी
बाजारों में बढ़ती भीड़ से नवरात्र का उत्साह स्पष्ट नजर आने लगा है।
खेड़ापति मंदिर बरेली अध्यक्ष मनीष भाई से चर्चा करने पर आपने बताया कि सुबह चार बजे से जल चढ़ाने वाले भक्तों की श्रद्धालुओं की भीड़ प्रारंभ हो जाएगी।
जो दिन के बारह बजे तक होती है हम सभी सदस्य पूरी मेहनत से कार्य करते हैं
