संवाददाता: कृष्ण कांत सोनी। जिला व्यूरो

गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा सियरमऊ
रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम सियरमऊ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दृश्य ऐसा था।
मानो पूरा गांव भक्ति में डूब गया हो। कथा वाचक सत्यम “मधुरम” जी महाराज जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर पहुंचे।
कथा पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं की आंखें भावनाओं से भर उठीं और पूरा वातावरण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे सियरमऊ की धरती पर ही नंदलाल का अवतार हो गया हो
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही श्रद्धालुओं ने खड़े होकर जयकारे लगाए, फूलों की वर्षा की और भक्ति गीतों के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे सियरमऊ की धरती पर ही नंदलाल का अवतार हो गया हो और पूरा गांव उस पावन क्षण का साक्षी बन गया हो।
सत्यम “मधुरम” जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि अधर्म के अंधकार में धर्म की रोशनी का प्रकट होना है।
जब-जब धरती पर अन्याय और अत्याचार बढ़ता है तब तब होता है भगवान का अवतार
जब-जब धरती पर अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं।
श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, नीति, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आए लोग इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। आयोजन समिति और शाह परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं।
जन्मोत्सव के इस भावुक और भक्तिमय माहौल ने पूरे सियरमऊ गांव को भक्ति और उल्लास से भर दिया, जहां हर ओर एक ही स्वर सुनाई दे रहा था—
“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की।”
