संवाददाता : अवनीश शर्मा। गैरतगंज

प्रशासन की चुप्पी से कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद; खाद्य सामग्रियों के दाम भी आसमान पर
गैरतगंज। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस (LPG) के भंडारण में कमी की उड़ी अफवाह ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
गैस की कमी के डर से नागरिकों में भारी भय व्याप्त है, जिसका सीधा फायदा कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
गैस एजेंसियों पर उमड़ी भीड़, कालाबाजारी शुरू गैस की किल्लत की अफवाह के चलते स्थानीय गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं।
लोग अनावश्यक रूप से सिलेंडर स्टोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्व सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। निर्धारित कीमतों से अधिक वसूलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
बाजार में खाद्य सामग्री के दाम बढ़े इस अव्यवस्था का असर अब रसोई के अन्य सामानों पर भी दिखने लगा है। गैस की कमी के डर का बहाना बनाकर बाजारों में दुकानदारों ने दैनिक उपभोग की वस्तुओं (आटा, दाल, तेल और सब्जियां) के दाम बढ़ा दिए हैं।
इससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल नागरिकों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग इस पूरी स्थिति से अवगत होने के बावजूद मूकदर्शक बना हुआ है।
न तो गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच की जा रही है और न ही बाजारों में मूल्य नियंत्रण के लिए कोई टीम भेजी गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से जनता में गहरा आक्रोश है।
जनता की मांग : क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) से मांग की है कि:
गैस के पर्याप्त स्टॉक को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण (प्रेस विज्ञप्ति) जारी कर अफवाहों पर विराम लगाया जाए।
गैस एजेंसियों और जमाखोरों के गोदामों पर तत्काल छापेमारी की जाए।
बाजारों में खाद्य सामग्री की बढ़ी हुई कीमतों पर अंकुश लगाने हेतु मूल्य जांच दल गठित किया जाए।
यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो सकती है।
