
सचिन जैन गैरतगंज
गैरतगंज: नगर सहित आस पास के क्षेत्र में एंबुलेंस की लापरवाही के चलते लगातार हो रही मौतों का आंकडा बड़ता जा रहा है। नगर में आए दिन सुनने मिलता है कि एंबुलेंस समय पर ना आने के कारण मरीज की मौत हो गई। जी हाँ आपको बता दें कि कुछ दिन पूर्व में एक पूर्व पार्षद के यहां एक नवजात की मौत का कारण भी इसी तरह की लापरवाही था।
वही दो दिन पूर्व में ग्राम आवरिया निवासी विजय चढार के यहाँ समय पर एंबुलेंस की सुविधा ना होने के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया।

एंबुलेंस चालक की मनमानी पड़ती आम आदमी पर भारी
सरकार द्वारा J.E.S. एजेंसी को डायल 108 और जननी एक्सप्रेस का ठेका दिया गया हैं। वही इनकी मॉनीटरिंग ना होने के कारण इनमे अव्यवस्थाएं बढ़ जाती हैं और ड्रायवरो की मनमानी होने लगती हैं। यहाँ तक की मरीजो का कहना है की ये लोग बदतमीजी से बात करते हैं और पैसे मांगते हैं।
मृतक के पिता से एंबुलेंस चालक ने मांगे पैसे
ग्राम आंवरिया निवासी विजय चिढार ने बताया की मेरे बच्चे की परसो एंबुलेंस ना मिलने के कारण गैरतगंज अस्पताल में मृत्यु हो गई थी जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मेरी पत्नी की छुट्टी कर दी और हमे एंबुलेंस क्रमांक 0815 से गाँव भेज दिया। गाँव पहुँच कर एंबुलेंस चालक मुझसे पैसे मांगने लगा और दवाव बनाने लगा। परिजनों ने जब पैसे मांगने का कारण पूँछा तो एंबुलेंस चालक ने जबाब दिया की खर्चा पानी चाहिए वो तो सभी देते हैं।

जांच टीम ने किया एंबुलेंस का सघन निरीक्षण
आज अनुविभागीय अधिकारी सहित जिला चिकित्सक, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं अन्य अधिकारीयों द्वारा डायल 108, जननी एक्सप्रेस के DM विशाल पाल सहित टीम को बुलाया गया और विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई जिसके बाद लगभग दो एंबुलेंसो की जांच की गई जिसमे दोनों एंबुलेंसे फिजिकली अनफिट पाई गई।
सिर्फ कागजो मे अटेच है एंबुलेंस
गुप्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आपको बता दें कि जननी एक्स्प्रेस की JES कंपनी के रिकॉर्ड में एक जननी एक्स्प्रेस क्रमांक 0817, जो की कई वर्षों से गैरतगंज सिविल अस्पताल के नाम पर दर्ज है। और मजे की बात यह है की वह कभी गैरतगंज मे देखी तक नहीं गई। अब सवाल यह उठता है की क्या यह एंबुलेंस केवल कागजो मे ही चल रही हैं।
कार्यवाही का दिया आश्वाशन
जिस तरीके से अनुविभागीय अधिकारी सहित समस्त टीम ने इस विषय पर जांच की और साथ ही एंबुलेंस में भी आवश्यक टूल लापता मिले उस आधार पर अनुविभागीय अधिकारी का कहना है कि अभी हमने जांच कर ली है अन्य विषयों पर भी जांच करने के बाद आवश्यक रूप से कार्यवाही की जावेगी। एंबुलेंस एक अतिआवश्यक वाहन है। जिसका पूर्ण रूप से फिट होना जरूरी है।
जनता पूँछ रही हैं
नगर के सिविल अस्पताल से लगभग 180 गाँव लगे हुए हैं। लेकिन सिविल अस्पताल में सदैव स्टाप की कमी बनी रहती हैं। इतना ही नही रात के समय में मात्र एक नर्स के भरोसे पूरा अस्पताल रहता है। वही जब एंबुलेंस मरीजो के लिए होती है तो वह अस्पताल में क्यो खड़ी नहीं होती
