संवाददाता : अवनीश शर्मा । गैरतगंज

नगर के मुख्य मार्गों की स्थिति आज किसी ‘कृषि मंडी’ से कम नहीं रह गई है। नगर के हृदयस्थल कहे जाने वाले मुख्य मार्ग पर बेतरतीब ढंग से खड़े ट्रैक्टर-ट्रालियों ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि यहाँ से निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
अव्यवस्था की जड़:
नियमों की खुली अनदेखी ही समस्या का सबसे बड़ा कारण हैं। गल्ला व्यापारियों द्वारा कृषि मंडी के परिसर के बजाय अपने निजी प्रतिष्ठानों पर किसानों की फसल खरीदना है। उपज तुलाई और भुगतान की प्रक्रिया मुख्य सड़क पर होने के कारण, दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियां घंटों तक सड़क घेरे खड़ी रहती हैं। इससे न केवल यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है, बल्कि ‘चक्का जाम’ जैसी स्थिति रोज की बात बन गई है।
आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट
इस सड़क जाम की वजह से एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी फंसी रहती हैं, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों के लिए यह रास्ता रोज की मुसीबत बन चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मंडी समिति और यातायात पुलिस की शह पर नियमों को ताक पर रखकर यह कारोबार फल-फूल रहा है।
जनता की मांग : तत्काल हो कार्यवाही
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:मुख्य मार्ग पर खड़े होने वाले भारी वाहनों पर तत्काल भारी जुर्माना लगाया जाए।
व्यापारियों को सख्ती से मंडी परिसर के भीतर ही खरीद-फरोख्त करने के निर्देश दिए जाएं।
सड़क के किनारे ‘नो पार्किंग जोन’ का बोर्ड लगाकर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।
यदि प्रशासन ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
