डायल 108 और जननी एक्स्प्रेस भी नही मिलती समय पर
सचिन जैन । व्युरो रिपोर्ट रायसेन

हमेशा विवादों में रहने बाले जिला अस्पताल में एक बार फिर मानवता हुई शर्मसार।
प्रसव पीड़ा सह रही महिला की अस्पताल के मुख्य द्वार के पास ही हुई डिलेवरी।
जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से रहे नदारद।
मोके पर ना कोई वार्ड बॉय ना कोई नर्स और ना ही कोई जिम्मेदार मौजूद रहा।
आपको बता दे की सिविल सर्जन यशपाल सिंह बाल्यान का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर कोई डर नहीं है इस कारण रायसेन का जिला अस्पताल हमेशा विवादों में बना रहता है।
वही दूसरी और यशपाल सिंह बाल्यान ने जब से जिला अस्पताल के सिविल सर्जन की बागडोर संभाली है तब से ही जिला अस्पताल ख़ुद बेंटीलेटर पर पहुँचा गया है।आख़िर कब होगी सिविल सर्जन पर कार्यवाही ये भी बड़ा सवाल ?

क्या हैं पूरा मामला
जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी दूर ग्राम अमरावद निवासी एक गर्भवती महिला अपनी प्रसव पीड़ा के चलते दर्द से तड़प रही थी। परिजनों ने बार बार एंबुलेंस को फोन लगाया। घंटो बाद भी जब एंबुलेंस नही पहुंची तब मजबूरी में परिजनों द्वारा महिला को मोटरसाइकिल पर ही बैठा कर जिला चिकित्सालय रायसेन ले आए।
इतना ही नही अस्पताल पहुँच कर भी और इमरजेंसी केस होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा उक्त महिला को एडमिट करने के बजाय महिला को गेट पर ही छोड़ दिया और परिजनों से बोला की पहले पर्चा बनवा कर लाओ।

जिले की एंबुलेंस व्यवस्था भी वेंटिलेटर पर
जी हाँ आपको बता दें की जिले में संचालित JES कम्पनी की एंबुलेंसो की हालत भी बद् से बद्तर है। कम्पनी की अधिकांश गाड़ियां अनफिट हैं।
हाल ही में गैरतगंज में हुई 2 एंबुलेंसो की जाँच मे दोनों ही अनफिट पाई गई। जिसके कारण गैरतगंज अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कम्पनी के DM विशाल पाल को जमकर फटकार लगाई।
क्या कहना हैं सिविल सर्जन डॉ यशपाल बाल्यान का
28 वर्षीय उक्त महिला जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी दूर ग्राम अमरावद निवासी है तथा रात्रि में प्रसव पीड़ा होने पर महिला के परिजन द्वारा वाहन हेतु 108 पर कॉल किया गया, लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं होने पर परिजन महिला को मोटरसाइकल पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचें।
यहां परिजन महिला को गेट पर बैठकर पर्चा बनवाने चले गए और इसी दौरान ही महिला द्वारा रात्रि लगभग 03.15 बजे बच्चे को जन्म दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही डॉक्टर और स्टॉफ तुरंत पहुंचे और महिला को रात्रि 03.20 बजे भर्ती करवा दिया गया। साथ ही आवश्यक उपचार दिया। महिला और शिशु पूर्णतः स्वास्थ्य हैं।
