संवाददाता : कृष्ण कांत सोनी। रायसेन व्यूरो

रायसेन जिले की बेगमगंज तहसील के ग्राम साजखेड़ा में चल रही शिव महापुराण कथा में इन दिनों भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा वाचक पंडित कमलेश कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भक्ति, विश्वास और सेवा का गहरा संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भक्ति का अर्थ केवल बाहरी आडंबर या दिखावा नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति अटूट और निष्कलंक विश्वास होना चाहिए।
जब तक मनुष्य के हृदय में सच्चा भरोसा नहीं होता, तब तक उसकी भक्ति पूर्ण नहीं मानी जा सकती।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक छोटा बच्चा अपने माता-पिता पर बिना किसी संदेह के विश्वास करता है और उसे यह चिंता नहीं होती कि आगे क्या होगा, क्योंकि उसे भरोसा होता है कि उसके माता-पिता उसका भला ही करेंगे।
उसी प्रकार यदि मनुष्य भगवान पर वैसा ही निष्कपट और दृढ़ विश्वास कर ले, तो जीवन की अनेक चिंताएँ और भय स्वतः समाप्त हो जाते हैं और मन में शांति का भाव उत्पन्न होता है।
पंडित कमलेश कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में यह भी बताया कि मनुष्य को अपने जीवन में तीन कार्य अवश्य करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गाय को अपने हाथों से भोजन कराना चाहिए, क्योंकि गाय का संबंध हमारे धर्म, संस्कृति और पुण्य से जुड़ा हुआ माना जाता है।
दूसरा कार्य यह है कि कुत्ते को रोजाना एक रोटी अवश्य देनी चाहिए, क्योंकि कुत्ते को भगवान भैरव का रूप माना जाता है और उसकी सेवा करने से जीवन में निडरता और सुरक्षा बनी रहती है।
पक्षियों को दाना डालने से आती हैं घर में सुख-समृद्धि
उन्होंने तीसरे कार्य के रूप में पक्षियों को दाना डालने और पानी पिलाने का महत्व बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति पक्षियों की सेवा करता है, उसके जीवन में कभी दरिद्रता नहीं आती और उसके घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
कथा वाचक ने यह भी कहा कि मनुष्य को अपने द्वार पर आए किसी भी व्यक्ति को कभी भूखा नहीं लौटाना चाहिए। चाहे वह अतिथि हो, साधु हो, जरूरतमंद हो या कोई अनजान व्यक्ति—उसे यथाशक्ति भोजन या कम से कम जल अवश्य देना चाहिए।
जब हम किसी जरूरतमंद को तृप्त करके विदा करते हैं, तो उससे हमारे घर में भी शुभता, संतोष और पुण्य का वातावरण बनता है।
ग्राम साजखेड़ा में आयोजित यह शिव महापुराण कथा 9 मार्च से 15 मार्च तक चलेगी।
कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं और धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
पूरे गांव में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना हुआ है।
