लापरवाही: बीच सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रालियां दे रही हैं हादसों को न्योता, जिम्मेदार बेखबर

गैरतगंज | कृषि उपज मंडी में किसानों की उपज की नीलामी के बाद, व्यापारियों द्वारा भुगतान की व्यवस्था मंडी परिसर के बजाय अपने निजी प्रतिष्ठानों (दुकानों) से करने की जिद शहर की यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ रही है।
इस अव्यवस्था के कारण किसानों को मजबूरन अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर मुख्य बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आना पड़ रहा है, जिससे दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।
हाइवे पर मौत का साया
शहर के मुख्य मार्गों और हाईवे किनारे खड़ी ये ट्रालियां रात के समय ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रही हैं।
रिफ्लेक्टर न होने और अचानक सामने आने के कारण वाहन चालक इनसे टकरा जाते हैं।
पूर्व में भी ऐसी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन मंडी प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया है।
शादी के सीजन ने बढ़ाई मुसीबत
वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण बाजारों में आम लोगों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है।
एक तरफ खरीदारों की भीड़ है, तो दूसरी तरफ बीच सड़क पर खड़ी भारी भरकम ट्रालियां।
ऐसे में पैदल चलना भी दूभर हो गया है। प्रशासन की इस चुप्पी से आम जनता में भारी रोष है।
नियमों की उड़ रही धज्जियां
मंडी नियमों के अनुसार, किसानों की उपज की खरीद और भुगतान की प्रक्रिया मंडी प्रांगण के भीतर ही संपन्न होनी चाहिए।
लेकिन व्यापारियों की मनमानी और मंडी सचिव की अनदेखी के चलते किसान ट्रैक्टर लेकर बाजारों में कतारें लगा रहे हैं।
