संवाददाता : अवनीश शर्मा । गैरतगंज

भू माफिया खुलकर कर रहे कालोनियों का निर्माण
गरीबों को फंसा कर हो जाते हैं गायब
गैरतगंज। अवैध कॉलोनियों और कालोनाइजरों पर कार्यवाही के आदेश के बाद अभी तक किसी भी कालोनाइजरों पर मामले दर्ज नहीं हुए है, नगर के आस-पास करीब 50 से ज्यादा अवैध कालोनियां आकार ले चुकीं हैं और इतनी ही संख्या में कालोनियों को काटने की तैयारी चल रही है। तो अब अवैध कॉलोनियों के नए इलाके सामने आ रहे हैं।
सहजपुर से लेकर गैरतपुर के बीच पाठा से लेकर धनगवां तक नगर परिषद कार्यालय के सामने और तहसील कार्यालय के पीछे भी कॉलोनी काटी जा रही हैं। भू-माफियाओं ने खेतों की जमीन और सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी काटकर प्लाट बेच रहे हैं।
इन कॉलोनी में न तो सड़क है न ही पानी और न ही बिजली उपलब्ध होती है। भू-माफिया इन कॉलोनियों को बनाने के बाद इनमें प्लाट काटकर लोगों की जिंदगी भर की जमापूंजी को ठगकर गायब हो जाते हैं और फिर नई जगह पर कॉलोनी काटना शुरू कर देते हैं।

एक दर्जन अवैध कॉलोनियां आकार ले रहीं हैं प्रशासन मौन है
कुछ भाजपा नेताओं की गहरी पकड़ और उनके संरक्षण में रहने वाले भू-माफियाओं पर प्रशासन मेहरबान है। जिसके चलतेे इन पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है। वर्तमान में गैरतगंज क्षेत्र में करीब एक दर्जन अवैध कॉलोनियां आकार ले रहीं हैं। सड़क के दोनों तरफ अवैध कॉलोनाइजरों ने उचित दाम पर प्लाट उपलब्ध होने और कॉलोनी का नाम देकर बोर्ड लगा रखे हैं।
इन बोर्ड पर एक मोबाइल नम्बर दर्ज होता है। जिस पर जानकारी लेकर लोग प्लाट देखने चले जाते हैं और यहीं पर भू-माफिया कॉलोनी में तमाम सुविधाओं का हवाला देकर लोगों की जिंदगी भर की जमापूंजी को ठग लेते हैं। खेतों की जमीन पर प्लाट काटने के बाद लोग इनमें जब मकान बनाते हैं तब ना तो भवन बनाने की अनुमति मिलती है न नामातंरण होता है और न ही बैंक से लोन मिल पाता है।
जबकि इन कॉलोनियों में बने हुए मकानों में रहने वाले लोगों को हजार से दो हजार फीट दूरी से बिजली की व्यवस्था करना पड़ती है।
गैरतगंज नगर परिषद इलाके में कटी अवैध कॉलोनियों में यही हाल नजर आ रहे हैं।
राजस्व विभाग और नगर परिषद की सह पर भू-माफियाओ ने करीब आधा दर्जन अवैध कॉलोनी इस इलाके में काट रखी। अवैध कॉलोनियों पर सरकार की गाइडलाइन सख्त है, जिसमें नए नियमों के तहत कॉलोनाइजरों के लिए कड़ी सजा (10 साल तक कैद, ₹50 लाख तक जुर्माना), तत्काल कार्रवाई के लिए 15 दिन की समय-सीमा, और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का प्रावधान है।
साथ ही, 2016 से पहले की कुछ कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसमें विकास शुल्क में छूट और 5 एकड़ से कम भूमि पर बनी कॉलोनियों को वैध करने के नियम शामिल हैं, लेकिन तालाबों की भूमि पर बनी कॉलोनियों को वैधता नहीं मिलेगी
