संवाददाता : समुंदर सिंह कुशवाह। विदिशा

- लोगों ने बेतवा से जुड़े विभिन्न संगठन राजनीतिक लोगों जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
- केंद्र प्रदेश से करोड़ों का बजट आने के बाद भी नहीं सुधर रही बेतवा की दुर्दशा
विदिशा : इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं ऐसा विदिशा में ना हो इसको लेकर सभी चिंतित हैं।
वर्तमान समय में बेतवा नदी पर हरि परत जमी हुई है जो उसके प्रदूषित होने का प्रमाण दे रही है ऊपर हरी काई जमी होने की वजह से बेतवा के अंदर मौजूद जलचर मछलियों और अन्य जंतुओं की मौत होने की आशंका बढ़ गई है। बेतवा की दुर्दशा को लेकर शहर के रह वासियों ने चिंता जाहिर की है
शिवसेना के पदाधिकारी सौरभ चिढार का कहना है
वेतवा नदी की स्थित हम काफी समय से देख रहे हैं कई समितियां बनी लेकिन बेतवा को लेकर उल्लेखित काम नहीं कर पाई। सरकार का ध्यान औधोगिक क्षेत्र पर तो रहता हैं लेकिन जीवनदायनी वेतवा नदी पर सरकार का कोई ध्यान नही हैं।
पार्षद नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी का कहना है
करोड़ों रुपयों का बजट आता है वेतवा के नाम पर लेकिन उसका उपयोग क्यो नही किया जाता आखिर कहाँ जाता हैं पैसा। यहां के सांसद केंद्र में प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन वह भी बेतवा की शुद्धिकरण की सुध नहीं ले रहे हैं। पूरे क्षेत्र भर की यह माँग हैं की वेतवा नदी की सफाई होनी चाहिए लेकिन सरकार के कान में जूं तक नही रेंगती
कांग्रेस के नेता अरुण अवस्थी का कहना है
बेतवा नदी जीर्ण क्षीण अवस्था में हैं उसका दम घुट रहा है। क्षेत्र भर के गंदे नालों का पानी वेतवा में छोड़ा जाता हैं। जिसको लेकर कई तरह के जन आंदोलन किए जा चुके हैं।कई बार सांसद शिवराज सिंह चौहान को बताया जा चुका है लेकिन किसी का भी इस ओर कोई ध्यान नही हैं।
अब जनता पूँछ रही हैं
क्षेत्र की जनता सरकार से पूँछ रही हैं कि क्या जनता ने इसी लिए अपना कीमती वोट देकर नगर पालिका अध्यक्ष, विधायक और सांसद बनाये हैं। की उनकी आम समस्या भी ना सुलझाई जा सके।
