संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

स्थानांतरण की खबर से क्षेत्रवासियों में मायूसी
बरेली। प्रशासनिक सेवाओं में कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं जो केवल अपने पद और अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, कार्यशैली और जनहित के प्रति समर्पण के कारण लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना लेते हैं।
बरेली अनुविभाग के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार मुद्गल ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हैं। विगत लगभग तीन वर्षों तक बरेली में सेवाएं देने के बाद उनके स्थानांतरण की खबर ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भावुक कर दिया है।
जनता के हितैषी प्रतिनिधि के रूप में किया काम
अपने कार्यकाल के दौरान मुद्गल ने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि जनता के हितैषी प्रतिनिधि के रूप में किया। उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बनी जो आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और उनके समाधान के लिए तत्काल प्रयास करते थे। यही कारण है कि वे नगर से लेकर गांव तक लोगों के बीच लोकप्रिय रहे।
जनता के लिए सदैव खुले रहे कार्यालय के द्वार
संतोष कुमार मुद्गल की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहजता और सरलता रही। आम नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते थे और उन्हें विश्वास रहता था कि उनकी बात सुनी जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान वे प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनते और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश देते थे।
कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
बरेली अनुविभाग में कानून व्यवस्था बनाए रखने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा शासकीय भूमि की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका सराहनीय रही। विभिन्न अवसरों पर उन्होंने प्रशासनिक दृढ़ता का परिचय देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही की। उनके नेतृत्व में अनेक जटिल मामलों का समाधान हुआ और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ।
विकास कार्यों को मिली नई गति
संतोष कुमार मुद्गल ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने राजस्व शिविरों के आयोजन, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान तथा विकास कार्यों की सतत निगरानी के माध्यम से उन्होंने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति मिली, जिसका लाभ क्षेत्र की जनता को प्राप्त हुआ।
सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भी रहा सकारात्मक सहयोग
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति भी उनका सहयोगात्मक दृष्टिकोण रहा। वे हमेशा सामाजिक सौहार्द, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे। विभिन्न आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता और मार्गदर्शन के कारण आयोजकों एवं सामाजिक संगठनों में उनके प्रति विशेष सम्मान की भावना रही।
निष्पक्षता और ईमानदारी बनी पहचान
प्रशासनिक क्षेत्र में निष्पक्षता और पारदर्शिता किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी होती है। मुद्गल ने अपने पूरे कार्यकाल में इन मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के कानून और नियमों के अनुसार कार्य करते हुए प्रशासनिक गरिमा को बनाए रखा। उनकी ईमानदार कार्यशैली के कारण अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन में भी उनकी विशेष प्रतिष्ठा रही।
स्थानांतरण से क्षेत्रवासियों में निराशा
जैसे ही उनके स्थानांतरण की सूचना सामने आई, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में निराशा देखने को मिली। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, पत्रकारों एवं आम नागरिकों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि बरेली ने एक ऐसे अधिकारी को विदाई दी है जिसने अपने कर्तव्य, व्यवहार और कार्यकुशलता से लोगों का दिल जीता।
बरेली हमेशा रखेगा याद
संतोष कुमार मुद्गल का कार्यकाल बरेली अनुविभाग के प्रशासनिक इतिहास में एक सफल और जनहितैषी कार्यकाल के रूप में याद किया जाएगा। उनकी संवेदनशीलता, कर्मठता, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण ने उन्हें एक लोकप्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित किया है।
बरेली की जनता उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त कर रह है कि वे जहां भी अपनी सेवाएं देंगे, वहां भी इसी प्रकार जनहित और सुशासन की नई मिसाल कायम करेंगे।
