संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

सड़क किनारे फैली गंदगी बनी गंभीर समस्या
भौड़िया बरेली : शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के बाद गार्डन संचालकों द्वारा दोना-पत्तल, प्लास्टिक ग्लास, थर्माकोल प्लेट और अन्य खाद्य अवशेषों से भरा कचरा सड़क किनारे और खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है।
यह लापरवाही अब गोवंश के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सड़क किनारे पड़े भोजन और कचरे को खाने के दौरान गायें और अन्य मवेशी प्लास्टिक, थर्माकोल और डिस्पोजल सामग्री निगल रहे हैं।
पशु चिकित्सकों के अनुसार, इन वस्तुओं के पेट में जमा होने से गंभीर बीमारियां उत्पन्न होती हैं, जिससे कई बार गोवंश की मौत तक हो जाती है।

ग्रामीणों और पशुप्रेमियों ने बताया कि शादी-पार्टियों के बाद गार्डन संचालक सफाई के नाम पर पूरा कचरा शहर और गांव के बाहरी इलाकों में फेंक देते हैं। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आवारा पशुओं के जीवन पर भी संकट मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गार्डन संचालकों को कचरा प्रबंधन के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।
पशु चिकित्सा, फील्ड ऑफिसर बरेली –
डॉक्टर बालमुकुंद धाकड़ ने बताया कि पशु पन्नी, डिस्पोजल, प्लास्टिक जैसी चीज खाने से पशुओं के पेट में जम जाती है, जिससे गोवंश की मौत हो जाती है। इस बीमारी को फ्रूट प्वाइजन, अफरई भी कहा जाता है।
बीमारी के लक्षण-
जिसमें गाय ना भोजन करती है ना पानी पीती है पेट फूल जाता है । बालमुकुंद धाकड़ ने बताया कि बरेली और आसपास के क्षेत्रों में इस बीमारी से 25% गोवंश की मौत हो रही है।
