संवाददाता : उवेश खान। सिलवानी

24 घंटे में युवक को किया गया पेश
रायसेन/सांची। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के निरीक्षण के बाद सांची थाना सुर्खियों में है।
इस बीच थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने सामने आकर पूरे मामले पर पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
थाना प्रभारी त्रिपाठी के अनुसार– संबंधित युवक को केवल पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद ही विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की गई, जो कि सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवक के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा गया और उसके साथ किसी तरह का अनुचित व्यवहार नहीं हुआ।
24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेशी
मामले का सबसे अहम पहलू बताते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि युवक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर, यानी 24 घंटे के अंदर ही न्यायालय में पेश कर दिया गया था।
उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ जानकारी अधूरी और भ्रामक तरीके से सामने आई है, जिसे अब तथ्यों के साथ स्पष्ट किया जा रहा है।
होटल में तोड़फोड़ मामले से जुड़ा है मामला
पुलिस के अनुसार, युवक और उसके साथियों पर सांची के एक निजी होटल में तोड़फोड़ का आरोप है। इसी मामले में पूछताछ के लिए उसे थाने बुलाया गया था।
NHRC जांच में पूरा सहयोग
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा उठाए गए सवालों पर थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रहा है।
साथ ही निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती के संकेत
क्षेत्र के होटलों में अवैध गतिविधियों के मुद्दे पर त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे विशेष अभियान चलाकर निगरानी और बढ़ाई जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील
अंत में थाना प्रभारी ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस पर भरोसा बनाए रखें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सांची पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
