संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

बरेली (रायसेन)। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया।
शनिवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बरेली की अध्यक्षता में कृषि एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मूंग उपार्जन, उर्वरक उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, सहकारी संस्थाओं के संचालन और राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उप संचालक कृषि ने नवीन उपार्जन नीति के तहत मूंग उपार्जन के 60 प्रतिशत क्रय संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को सरल, सुगम और सुरक्षित उपार्जन प्रक्रिया अपनाने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाएगा।
अनुविभागीय अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए, कहीं भी उर्वरक की कृत्रिम कमी या वितरण में अव्यवस्था की स्थिति न बने।
साथ ही विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने, सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सतत निगरानी रखने तथा मूंग उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।बैठक में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), किसान संगठनों के प्रतिनिधि, समस्त तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी, उप संचालक कृषि, एसडीओ (कृषि) बरेली एवं उदयपुरा, कृषि विभाग के विस्तार अधिकारी, मंडी सचिव बरेली एवं उदयपुरा, डीआरसीएस, सहकारिता निरीक्षक, मूंग उपार्जन कार्य से जुड़ी सहकारी समितियों के प्रबंधक, सर्वेयर, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारी तथा एमपीईबी के सहायक अभियंता (बाड़ी, बरेली, उदयपुरा एवं देवरी) उपस्थित रहे।
