रायसेन में AI का ‘डिजिटल शिकंजा’, खनिज माफियाओं में भगदड़
संवाददाता : रितिक जैन। बाड़ी

कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की हाईटेक कार्रवाई, नंबर प्लेट स्कैन होते ही खुल गई अवैध परिवहन की पूरी कहानी
रायसेन। रायसेन जिले में अब खनिज माफियाओं की चालाकी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भारी पड़ने लगा है। जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन पर लगाम कसने के लिए खनिज विभाग ने एआई आधारित चेकपोस्ट सिस्टम का ऐसा डिजिटल जाल बिछाया कि नंबर प्लेट स्कैन होते ही कई वाहनों की पोल खुल गई।
कलेक्टर के सख्त निर्देश पर हुई इस बड़ी कार्रवाई में खनिज विभाग ने 10 डंपरों को पकड़ते हुए करीब 35 लाख रुपए से अधिक की भारी पेनल्टी ठोक दी। कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कई वाहन संचालकों ने अपने वाहन छिपा दिए, जबकि कुछ ने आनन-फानन में दस्तावेज अपडेट कराने शुरू कर दिए।

AI कैमरों से बच नहीं पाए माफिया
खनिज विभाग द्वारा लगाए गए AI चेकगेट सिस्टम ने वाहनों के नंबर प्लेट स्कैन कर तुरंत ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच में सामने आया कि कई वाहन या तो नियम विरुद्ध तरीके से खनिज परिवहन कर रहे थे या फिर दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी थी। कुछ मामलों में रॉयल्टी और परिवहन अनुमति में भी अनियमितता पाई गई।
जैसे ही सिस्टम ने संदिग्ध वाहनों को चिन्हित किया, विभाग की टीम हरकत में आ गई और तत्काल कार्रवाई करते हुए डिमांड नोट जारी कर दिए गए।

कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
खनिज विभाग की इस कार्रवाई ने पूरे जिले में खलबली मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन का खेल चल रहा था, लेकिन अब AI तकनीक ने इस नेटवर्क की परतें खोलना शुरू कर दी हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ नाकों पर चेकिंग नहीं होगी, बल्कि हर वाहन की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन करने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिन वाहनों पर हुई भारी कार्रवाई:
MP38H2173 (मुरम) – ₹2.11 लाख
MP38ZD9073 (मुरम) – ₹4.20 लाख
MP04HE9796 (गिट्टी) – ₹2.26 lakh
MP07HB6217 (गिट्टी) – ₹4.26 लाख
MP04ZW2453 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख
MP04ZP8838 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख
MP04HE4285 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख
MP04ZV5730 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख
MP38ZC5381 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख
CG10BM9450 (मुरम) – ₹4.20 लाख
“अब तकनीक करेगी निगरानी”
खनिज विभाग ने साफ संदेश दिया है कि रायसेन जिले में अब अवैध खनिज परिवहन पर तकनीक के जरिए चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। विभाग ने वाहन संचालकों से वैध दस्तावेजों के साथ ही परिवहन करने की अपील की है।
रायसेन में हुई यह हाईटेक कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में AI आधारित निगरानी सिस्टम खनिज माफियाओं की कमर तोड़ सकता है।
