देर रात तक जारी रही शराब बिक्री और माल उतराई
संवाददाता : रितिक जैन |बाड़ी

निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी चलती रही शराब बिक्री… आधे शटर के पीछे चलता रहा खेल, देर रात वाहन से शराब माल उतरने पर उठे गंभीर सवाल
“रात 11:50 तक छलकते रहे जाम!”
रायसेन जिले के बाड़ी में संचालित नार्बेज ट्रेडर्स की शराब दुकानों पर मंगलवार रात सामने आई तस्वीरों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और नियमों की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
NEWS की टीम द्वारा देर रात की गई पड़ताल में शराब दुकानों पर तय समय सीमा के बाद भी भीड़, शराब वितरण, वाहनों की आवाजाही और शराब माल उतराई जैसी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हुईं, जिसके बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
–: समय खत्म… लेकिन शराब बिक्री जारी
मध्यप्रदेश आबकारी नियमों के अनुसार शराब दुकानों के संचालन का समय निर्धारित होता है, लेकिन बाड़ी में नियमों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दी।
कैमरे में रिकॉर्ड वीडियो के अनुसार कलारी नंबर-2 पर रात 11 बजकर 42 मिनट तक लोगों की मौजूदगी और गतिविधियां जारी थीं, जबकि कलारी नंबर-1 पर करीब रात 11 बजकर 50 मिनट तक भीड़ और शराब वितरण जैसे दृश्य दिखाई दिए।
देर रात तक दुकानों के बाहर बाइक और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बनी रही। वीडियो में कई लोग दुकान के आसपास खड़े नजर आए, जिससे यह साफ संकेत मिला कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी शराब का कारोबार पूरी रफ्तार में चल रहा था।

आधे शटर गिराकर अंदर चलता रहा खेल
वीडियो में कहीं दुकान के शटर खुले दिखाई दिए तो कहीं आधे शटर गिराकर अंदर से ग्राहकों को शराब दी जाती नजर आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवर टाइमिंग छिपाने के लिए अक्सर इसी तरीके का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि बाहर से दुकान बंद दिखाई दे लेकिन अंदर से बिक्री जारी रहे।
देर रात तक चल रही हलचल और लगातार लोगों की मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर नियमों का पालन करवाने वाला विभाग उस समय कहां था।
यदि समय सीमा समाप्त हो चुकी थी तो फिर दुकान के बाहर इतनी भीड़ क्यों दिखाई दे रही थी?
— देर रात शराब माल उतरने से बढ़ा मामला
पूरा मामला उस समय और ज्यादा गंभीर हो गया जब देर रात एक वाहन से शराब का माल उतारे जाने का दृश्य भी कैमरे में कैद हो गया।
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक वाहन दुकान के पास पहुंचता है और वहां शराब की पेटियां उतारी जाती हैं।
इस दृश्य के सामने आने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं—
- आखिर इतनी रात में शराब का माल क्यों उतारा जा रहा था?
- क्या वाहन के पास वैध परिवहन परमिट था?
- क्या देर रात माल उतरने की सूचना विभाग को थी?
- यदि दुकान का समय समाप्त हो चुका था तो फिर माल उतरने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- क्या देर रात तक बिक्री जारी रखने के लिए अतिरिक्त स्टॉक मंगाया गया था?
इन सवालों ने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
आबकारी विभाग की निगरानी पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में देर रात तक शराब बिक्री की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं होती हैं।
लोगों का आरोप है कि यदि आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था मजबूत होती तो तय समय के बाद शराब दुकानों पर इतनी भीड़ और गतिविधियां दिखाई ही नहीं देतीं।
अब कैमरे में कैद इन तस्वीरों के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
लोग पूछ रहे हैं कि आखिर देर रात तक चल रही इन गतिविधियों की जानकारी विभाग को क्यों नहीं थी।
क्या बोले आबकारी अधिकारी?
मामले को लेकर जब बाड़ी बीट के आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मीणा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की नियम अनुसार जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि—
ओवर टाइमिंग की जांच होगी, देर रात शराब माल उतरने की जांच होगी, वाहन के परमिट और दस्तावेजों की जांच की जाएगी, नियम उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी
हालांकि अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जांच के बाद वास्तव में सख्त कार्रवाई होती है या मामला सिर्फ कागजी जांच तक सीमित रह जाता है।
—नियम क्या कहते हैं?
मध्यप्रदेश आबकारी नियमों के तहत शराब दुकानों के संचालन का समय निर्धारित होता है। तय समय के बाद शराब बिक्री करना नियम उल्लंघन माना जाता है।
ऐसे मामलों में जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और अन्य विभागीय कार्रवाई का प्रावधान भी है।
इसके अलावा शराब परिवहन और माल उतराई के लिए वैध परमिट और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है।
बिना अनुमति देर रात शराब माल का परिवहन और उतराई भी जांच का विषय बन सकती है।
अब कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा?
कैमरे में कैद इन तस्वीरों ने बाड़ी में शराब कारोबार और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
क्या देर रात तक शराब बिक्री बिना संरक्षण के संभव है?
क्या जिम्मेदार विभाग अब सख्त कार्रवाई करेगा?
या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा के बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं और अब सभी को जांच रिपोर्ट तथा विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।
