संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

रेत और मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपरों के निकलने की बजह से हुई सड़क क्षतिग्रस्त
बरेली। छींद धाम मंदिर जो क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिला और प्रदेश के लोगों की आस्था का केंद्र है।
बैसे तो यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु श्री हनुमान जी के दर्शन करने आते हैं और मंगलवार व शनिवार को यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच जाती है।
ऐसी मान्यता है कि लगातार पांच मंगलवार यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसे सिद्ध स्थल को पहुंचने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है।
अभी तो फिर भी ठीक है,बारिश के दौरान एनएच 45,फोरलेन हाईवे से होकर छींद मंदिर जाने वाली इस मुख्य सड़क से होकर निकलने में श्रृद्धालुओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
छींद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों,प्रशासन के जिम्मेदारों और जिले के मुखिया कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से बारिश से पूर्व उक्त सड़क के सुधार की मांग की है।
जिससे की बारिश के दौरान छींद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों को आवागमन में परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ओवरलोड डंपरों और ट्रालियों के निकलने से हुई सड़क क्षतिग्रस्त-
मुख्य मार्ग एनएच 45 से छींद मंदिर जाने वाली यह सड़क इतने जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती,लेकिन पिछले कुछ महीनों से देखा जा रहा है कि नर्मदा की रेत और मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपरों व ट्रालियों के निकलने से यह सड़क लगभग लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
पुलिस और प्रशासन से बचने के चलते नर्मदा नदी से ओवरलोड रेत और मिट्टी लेकर डंपर और ट्रालियां महेश्वर,सिमरौद होकर छींद से होते हुए मुख्य मार्ग पर निकलती है,जिसकी वजह से यह सड़क लगभग लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
यदि समय रहते सड़क का मरम्मतीकरण नहीं हुआ तो बारिश के दौरान छींद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का भी होता है छींद मंदिर जाना-
क्षेत्र का प्रसिद्ध छींद मंदिर,जहां दूर-दूर से श्रद्धालु श्री हनुमान जी महाराज के दर्शन करने आते हैं।
साथ ही कई जनप्रतिनिधि जिनमें सीएम से लेकर,मंत्री और विधायक के साथ कलेक्टर,एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का छींद मंदिर आना-जाना भी इसी क्षतिग्रस्त सड़क से होकर होता है।
लेकिन बड़े हैरत की बात है कि किसी को भी यह गड्ढों में तब्दील सड़क नजर नहीं आती,या कहें कि लग्जरी महंगी गाड़ियों में बैठे रहने से उन्हें गड्ढों में तब्दील सड़क का एहसास ही नहीं होता।
या फिर वह सबकुछ देखते हुए भी अनदेखी कर रहे हैं। शायद आमजन की परेशानियों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
