संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

बाड़ी। बक्तरा रोड स्थित दिगबाड़ क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोटरसाइकिल सवार युवक दुर्घटना के बाद काफी देर तक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा, लेकिन समय पर 108 एम्बुलेंस या 112 पुलिस सहायता नहीं पहुंच सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घायल को तत्काल उपचार मिल जाता, तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद राहगीरों ने कई बार 108 और 112 पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मदद पहुंचने में अत्यधिक देरी हुई।
घायल युवक दर्द से तड़पता रहा और मौके पर मौजूद लोग असहाय नजर आए। बाद में निजी साधन से अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
लोगों का कहना है
सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर आपातकालीन सेवाओं का प्रचार तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत में समय पर सहायता नहीं मिलने से लोगों की जान जा रही है।यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था की सुस्ती और लापरवाही का भी दुखद उदाहरण बन गया है।
अब सवाल यह उठता है तो 108 और 112 जैसी सेवाओं का वास्तविक लाभ आम जनता को कैसे मिलेगा?
