संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

प्रेमिका ने पहले प्रेमी संग मिलकर की हत्या, शव को बोरी में भर 200 किमी दूर रायसेन की खाई में फेंका।
बाड़ी। थाना क्षेत्र में नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे मिली सड़ी-गली लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला प्रेम प्रसंग, धोखे और सुनियोजित हत्या की ऐसी कहानी बनकर सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट के रूप में हुई है, जिसे उसकी प्रेमिका ने ही मौत के जाल में फंसाया।
नोटबुक बनी पुलिस की सबसे बड़ी गवाह
रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 7 मई को सिरवारा ब्रिज के नीचे एक बोरी में बंद सड़ी-गली लाश मिली थी। शव इतनी बुरी तरह सड़ चुका था कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। घटनास्थल से पुलिस को एक बैग मिला, जिसमें जूते, कंघी और एक बच्चे की नोटबुक रखी थी।
यही नोटबुक जांच का सबसे अहम सुराग बनी। नोटबुक में मौजूद शिक्षक के हस्ताक्षर के आधार पर पुलिस नरसिंहपुर जिले के सांईखेड़ा पहुंची। वहां से उस बच्चे और उसके परिवार की जानकारी मिली, लेकिन पूरा परिवार कई दिनों से गायब था। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और आखिरकार आरोपियों को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया।

सोशल मीडिया से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला रीना किरार ने बताया कि उसका पति उसे छोड़ चुका था और उसके संबंध पहले से अरुण पटेल से थे, जो उसका खर्च भी उठाता था। इसी बीच करीब तीन साल पहले सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती राजस्थान निवासी वीरू जाट से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
वीरू अक्सर उससे मिलने नरसिंहपुर आने लगा। जब इसकी भनक पहले प्रेमी अरुण को लगी तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद रीना ने अरुण और साथी हरनाम किरार के साथ मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
फोन कर बुलाया, घर में कर दी हत्या
29 अप्रैल को रीना ने वीरू को फोन कर मिलने के लिए अपने घर बुलाया। जैसे ही वीरू वहां पहुंचा, घर में पहले से मौजूद अरुण पटेल और हरनाम किरार ने बेसबॉल बैट से उस पर हमला कर दिया। बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने घर में फैला खून साफ किया और शव को बोरी में पैक कर XUV 700 कार की डिक्की में रख लिया। इसके बाद करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र में पहुंचकर शव को 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया।
पुलिस को गुमराह करने घूमते रहे शहर-शहर
हत्या के बाद आरोपी लगातार शहर बदलते रहे ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे। वे बाड़ी से इटारसी, फिर मुंबई, इंदौर और उज्जैन तक घूमते रहे। आखिरकार पुलिस ने तीनों को धर दबोचा।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त XUV 700 कार और बेसबॉल बैट भी बरामद कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया से शुरू हुए रिश्ते कब खूनी अंजाम तक पहुंच जाएं, कहना मुश्किल है।
