संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

ग्वालटोली की गलियों में सवाल तैर रहे थे, कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर जवाब तलाश रही थीं
नर्मदापुरम में हुई इस हत्या की घटना के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल था आखिर उस रात हुआ क्या था?घटना के बाद शहर में चर्चाएं थीं, कयास थे और तरह-तरह की बातें थीं। लेकिन इन सबके बीच एक टीम ऐसी भी थी जो बातों पर नहीं, सुरागों पर भरोसा कर रही थी।
उस टीम की कमान संभाल रही थीं कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर।कहते हैं कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है जो घटना को सिर्फ फाइल में दर्ज मामला नहीं मानता, बल्कि उसके पीछे छिपे सच को खोजने का जुनून रखता है।
इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।राजू कुचबंदिया की मौत के बाद मामला जितना संवेदनशील था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। आरोपी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। शहर में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन कंचन सिंह ठाकुर ने जल्दबाजी के बजाय धैर्य का रास्ता चुना।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बार-बार देखा गया।
छोटी से छोटी जानकारी को जोड़ा गया। परिजनों के बयान लिए गए। पुराने विवादों की तह तक पहुंचने की कोशिश की गई। कई लोगों के लिए यह सिर्फ जांच थी, लेकिन पुलिस टीम के लिए यह सच तक पहुंचने की जिम्मेदारी थी।
बताया जाता है कि कई घंटों तक चली पड़ताल के दौरान जब एक संदिग्ध चेहरा बार-बार सामने आया तो जांच की दिशा बदलने लगी। इसके बाद शुरू हुई तलाश, जिसने पुलिस को नर्मदापुरम से मंडीदीप तक पहुंचा दिया।यह सिर्फ आरोपी की तलाश नहीं थी, बल्कि उस सवाल के जवाब की तलाश थी जो पूरे इलाके में गूंज रहा था।
कंचन सिंह ठाकुर की कार्यशैली की खास बात यही मानी जाती है कि वह किसी भी मामले को आधा छोड़ने में विश्वास नहीं रखतीं। जब तक तस्वीर पूरी साफ न हो जाए, तब तक जांच की कड़ियां जोड़ती रहती हैं। यही कारण रहा कि इस मामले में भी पुलिस लगातार आगे बढ़ती रही और आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई।
वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू हुआ बरामद
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जब वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद हुआ, तब जांच की वह कड़ी भी पूरी हो गई जिसकी तलाश कई दिनों से की जा रही थी।आज इस मामले की चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं हो रही कि आरोपी गिरफ्तार हुआ। चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि इसके पीछे एक ऐसी टीम की मेहनत है जिसने दिन-रात एक कर दिए। और उस टीम के केंद्र में थीं थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर।
