वेतन विसंगति से जूझ रहे प्रधानमंत्री आवास
संवाददाता: अशोक सोनी। बरेली

रायसेन: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में कार्यरत विकासखंड समन्वयकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने वेतन भुगतान में हो रहे अत्यधिक विलंब और नई भुगतान व्यवस्था (SNA Sparsh Portal) की खामियों को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत रायसेन को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया की समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो यह मानवीय संकट और गहरा सकता है।
7 वर्षों की सुचारू व्यवस्था के बाद बढ़ा संकट
ज्ञापन सौंपते समय कर्मचारियों ने बताया कि विगत 7 वर्षों से पंचायत दर्पण और आवास पोर्टल के माध्यम से वेतन का भुगतान 24 से 48 घंटों के भीतर हो जाता था।
किन्तु अगस्त 2025 से लागू किए गए SNA स्पर्श पोर्टल के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वर्तमान में स्थिति यह है कि डिजिटल सिग्नेचर होने के बाद भी वेतन महीनों लंबित रहता है और मार्च 2026 का वेतन भी अप्रैल समाप्ति तक प्राप्त नहीं हुआ है।
आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के बीच सेवा
ज्ञापन में प्रमुख रूप से भारतीय मजदूर संघ के ब्लॉक अध्यक प्रमोद लोधी, ब्लॉक समन्वयक संजय चौरसिया, आशुतोष आचार्य एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर राजेश धाकड़, प्रमोद राठौरिया सहित अन्य साथी उपस्थित रहे
कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वेतन न मिलने से बैंक ईएमआई (EMI), बच्चों की स्कूल फीस और परिवार की चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है।
निरंतर आर्थिक असुरक्षा के कारण कर्मचारियों में भारी मानसिक तनाव देखा जा रहा है।
इन प्रमुख मांगों पर दिया जोर:
- वेतन भुगतान की पूर्व व्यवस्था (आवास पोर्टल/एडमिन फंड) को पुनः प्रारंभ किया जाए।
- SNA स्पर्श पोर्टल में 5 से 7 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की जाए।
- वेतन गणना की अवधि हर माह की 21 से 20 तारीख निर्धारित हो, ताकि वित्तीय प्रबंधन सुचारू रहे।
- शोक संतप्त परिवारों को मिले अनुकंपा नियुक्ति
ज्ञापन के माध्यम से यह भी रेखांकित किया गया कि इस अव्यवस्था और तनाव के बीच बालाघाट, छतरपुर और रीवा में कुछ साथियों का आकस्मिक निधन हुआ है।
जिनके परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की गई है। कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन से इस विषय पर तत्काल एवं संवेदनशील निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
