संवाददाता – रितिक जैन। बाड़ी

रायसेन जिले के बेगमगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पिपलिया बरई में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जन अभियान परिषद् द्वारा आयोजित “जल गंगा संवर्धन अभियान” ने पूरे गांव में जल संरक्षण की अलख जगा दी।
ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पिपलिया बरई, सीएम सोशल इंटर्न (जन अभियान परिषद् बेगमगंज) एवं नवांकुर संस्था तुलसीपार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पिपलिया बरई में गूंजा “जल है तो कल है” का संदेश
कार्यक्रम के दौरान पूरा गांव “जल है तो कल है”, “हर बूंद की रक्षा करेंगे” जैसे नारों से गूंज उठा। शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन में जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया और जल स्रोतों को बचाने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम के प्राचीन जल स्रोत पर पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मां गंगा की भव्य आरती ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। इसके बाद निकली विशाल गंगा कलश यात्रा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें नवांकुर सखियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं सिर पर कलश रखकर जल संरक्षण के संदेश देती नजर आईं।

पूरे गांव में निकली इस रैली ने लोगों का ध्यान पानी बचाने की ओर आकर्षित किया।कार्यक्रम में जलाशयों की सफाई, स्वच्छता, पशुपालन, वर्षा जल संरक्षण एवं पुराने कुएं-तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जल संकट आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती है
वक्ताओं ने कहा कि जल संकट आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती है और यदि अभी से जल संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य गंभीर हो सकता है।मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा गंगा दशहरा मनाने का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न रखकर जन-जन का आंदोलन बनाना है।
“जन चेतना से जल चेतना” के संदेश के साथ ग्रामीणों को प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सामूहिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच, जन अभियान परिषद् की विकासखंड समन्वयक श्रीमती हेमलता नरवरिया, सीएम इंटर्न अमित शर्मा, सरपंच अतरा बाई, वार्ड पंच श्रीमती रेखाबाई लोधी, गंगा बाई लोधी, परामर्शदाता शुभम दुबे, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि भवानी पटेल, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष अमित शर्मा, सचिव जयदीप श्रीधर, सदस्य आर्यन श्रीधर, प्रबल राजपूत, नितिन लोधी, सुमित लोधी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अरुणलता श्रीधर, सहायिका आयुषी राजपूत सहित बड़ी संख्या में नवांकुर सखियां एवं ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समुदाय ने जल संरक्षण को लेकर परिषद् के प्रयासों की सराहना करते हुए गांव में जल बचाने और जल स्रोतों को संरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
