अस्पताल में भर्ती
संवाददाता : अवनीश शर्मा। गैरतगंज

गैरतगंज। जिले को जनगणना कार्य में प्रदेश में अव्वल लाने के प्रशासनिक दबाव और आसमान से बरसती आग के बीच काम कर रहे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर अब बुरा असर पड़ने लगा है।
ताजा मामला गैरतगंज का है, जहाँ मकान गणना (HLB 0003) के कार्य में तैनात महिला शिक्षिका और प्रगणक मीरा व्यास भीषण गर्मी की चपेट में आने से अस्वस्थ हो गईं।
ड्यूटी के दौरान हुईं अचेत
मिली जानकारी के अनुसार, मीरा व्यास भीषण लू और तपिश के बावजूद अपने प्रगणक ब्लॉक में घर-घर जाकर गणना का कार्य कर रही थीं।
इसी दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
उन्हें तत्काल गैरतगंज सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि:
जिला प्रशासन ‘नंबर एक’ पर आने के चक्कर में जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर रहा है।
दोपहर की चिलचिलाती धूप में भी फील्ड वर्क करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है।
प्रगणकों के लिए फील्ड में ठंडे पानी या अन्य सुरक्षात्मक उपायों के कोई इंतजाम प्रशासन द्वारा नहीं किए गए हैं।
कर्मचारियों की मांग: बदले जाएं ड्यूटी के नियम
इस घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि:
समय में परिवर्तन: गणना कार्य का समय सुबह जल्दी या शाम के वक्त तय किया जाए ताकि दोपहर की लू से बचा जा सके।
मेडिकल किट: ड्यूटी के दौरान प्रगणकों को ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जाए।
सुरक्षा को प्राथमिकता: लक्ष्य प्राप्ति से पहले कर्मचारी के जीवन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।
“लक्ष्य हासिल करना जरूरी है, लेकिन किसी कर्मचारी की जान दांव पर लगाकर नहीं। प्रशासन को भीषण गर्मी को देखते हुए कार्य के घंटों में तत्काल रियायत देनी चाहिए।” — स्थानीय कर्मचारी गण
