संवाददाता :अशोक सोनी। बरेली

मॉक ड्रिल के बहाने प्रशासन की बड़ी तैयारी सामने आई, लोगों को सिखाए गए जान बचाने के असली गुर
नर्मदापुरम। बुधवार को पवित्र नर्मदा किनारे बसे सेठानी घाट पर अचानक ऐसा नज़ारा देखने को मिला कि घाट पर मौजूद लोग कुछ देर के लिए चौंक उठे।
पुलिस, होमगार्ड, बचाव दल और अधिकारी एक साथ सक्रिय दिखाई दिए। दरअसल यह सब किसी हादसे की वजह से नहीं बल्कि आपदा से निपटने की तैयारी परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था

कलेक्टर सोनिया मीना ने कमान खुद संभाली
घाट पर जैसे ही बचाव दल ने डूबते व्यक्ति को बचाने और नाव पलटने की स्थिति में राहत कार्य का प्रदर्शन किया, वहां मौजूद लोग उत्सुकता से पूरा दृश्य देखने लगे।
कई लोगों ने अपने मोबाइल निकालकर इस पूरे अभ्यास को रिकॉर्ड भी किया। प्रशासन का उद्देश्य भी यही था कि आम नागरिक यह समझ सकें कि संकट की घड़ी में घबराने के बजाय कैसे समझदारी से कदम उठाए जाएं।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा, डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर और तहसीलदार सरिता मालवीय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सभी ने बचाव दल की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा और तैयारियों का जायजा लिया।
कलेक्टर सोनिया मीना ने मौके पर कहा कि आपदा कभी बताकर नहीं आती, इसलिए प्रशासन और नागरिक दोनों को पहले से तैयार रहना जरूरी है।
इसी उद्देश्य से जिले में एक सप्ताह तक आपदा प्रबंधन की विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें होमगार्ड, एसडीईआरएफ, सिविल डिफेंस वालंटियर, आपदा मित्र, सरकारी कर्मचारी और आम नागरिकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को यह भी सिखाया गया कि अगर कोई व्यक्ति नदी में डूबने लगे तो उसे सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए।
घरेलू वस्तुओं की मदद से तैरने का सहारा बनाने की विधि भी बताई गई। इसके साथ ही आकाशीय बिजली, भूकंप और हीट स्ट्रोक जैसी परिस्थितियों में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञ टीम ने सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन कर यह बताया कि समय रहते सही तरीके से मदद मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
