संवाददाता : रितिक जैन। बाड़ी

पंचायत नोटिस का नहीं मिला जवाब, दस्तावेज न देने पर कलेक्टर को भेजा जाएगा मामला
बाड़ी तहसील के बाबई जोड़ इलाके में स्थित स्टार वन (नर्मदा राइस मिल) का विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
किसानों की बर्बाद होती फसल, प्रदूषण के गंभीर आरोप और नियमों के उल्लंघन के बीच अब प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आने लगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राइस मिल से निकलने वाला काला और दुर्गंधयुक्त पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे फसलें पूरी तरह खराब हो रही हैं।

वहीं धान की भूसी और राख के कारण पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
पीड़ित किसान निलेश चौहान ने बताया कि उनकी गेहूं की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है और शिकायत करने पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।
उनका कहना है कि अब तक न तो भूसी पर नियंत्रण हुआ है और न ही काले पानी को रोका गया है।

मामले में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने निरीक्षण कर सैंपल लिए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई का असर जमीन पर नहीं दिख रहा।
इसी बीच ग्राम पंचायत ने मिल प्रबंधन से संचालन से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, लेकिन तय समय-सीमा में जवाब नहीं दिया गया।
अब जनपद सीईओ भट्ट ने संज्ञान लेते हुए साफ कर दिया है कि अगली कार्रवाई जनपद स्तर से की जाएगी।
सीईओ भट्ट के अनुसार—
यदि मिल प्रबंधन समय-सीमा में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है, तो मामला जिला कलेक्टर को भेजा जाएगा और सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
नियमों का स्पष्ट उल्लंघन
पंचायत अनुमति के बिना उद्योग संचालन नियम विरुद्ध
बिना उपचारित अपशिष्ट जल छोड़ना अपराध
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति के बिना संचालन अवैध
इन हालात में मिल पर सीलिंग, कनेक्शन कटौती और कानूनी कार्रवाई तक की स्थिति बन सकती है।
बड़ा सवाल :
क्या जनपद स्तर की यह सख्ती जमीन पर कार्रवाई में बदलेगी…
या फिर प्रभाव के चलते मामला फिर ठंडा पड़ जाएगा…?
निष्कर्ष :
बाबई जोड़ की यह राइस मिल अब किसानों की लड़ाई और प्रशासन की साख का मुद्दा बन चुकी है…
अब निगाहें इस बात पर हैं कि
जनपद सीईओ भट्ट की अगली कार्रवाई कितनी सख्त होती है और क्या यह मामला कलेक्टर तक पहुंचता है।
