संवाददाता – रितिक जैन। बाड़ी

बाड़ी | मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वी माताओं के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है। घटना के विरोध में सोमवार को बाड़ी नगर में सकल जैन समाज का आक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। सफेद वस्त्रों में समाजजन जब हाथों में तख्तियां, बैनर और माता जी के चित्र लेकर मौन यात्रा में निकले तो पूरा नगर भावुक माहौल में डूब गया।
रीवा की घटना से उबल पड़ा जैन समाज
नगर के प्रमुख मार्गों से निकली इस विशाल मौन यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। “संत समाज की सुरक्षा करो”, “अहिंसा के पुजारियों को न्याय दो”, “दोषियों को कठोर सजा दो” और “जैन संतों पर हमले बंद करो” जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा।
जगह-जगह लोग यात्रा को देखने के लिए खड़े नजर आए, वहीं समाजजनों की आंखों में रीवा की घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश साफ दिखाई दिया।बताया जा रहा है कि 20 मई को रीवा में विहार कर रहीं जैन साध्वी माताओं को तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में पूज्य श्रुतमति माता जी का दुखद निधन हो गया, जबकि दो अन्य साध्वी माताएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बाड़ी में सड़कों पर उतरा समाज, ऐतिहासिक मौन यात्रा निकाल प्रशासन को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन
घटना पुलिस कंट्रोल रूम के सामने होने से पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। जैन समाज का कहना है कि लगातार संतों और साध्वी माताओं के साथ हो रही घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर करती हैं।
मौन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहां समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सुनील शर्मा एवं राजेश तिवारी को सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में जैन समाज ने कई बड़ी मांगें भी उठाईं। समाजजनों ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने, जैन संतों एवं साध्वी माताओं के विहार मार्ग पर विशेष पुलिस सुरक्षा देने, प्रदेश में “संत सुरक्षा कानून” लागू करने, हाईवे और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करने तथा संत समाज की सुरक्षा को लेकर विशेष गाइडलाइन जारी करने की मांग की।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि जैन संत समाज हमेशा अहिंसा, संयम और शांति का संदेश देता आया है। ऐसे संत समाज के साथ इस प्रकार की घटनाएं केवल एक समाज नहीं बल्कि पूरे देश की धार्मिक आस्था पर हमला हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।मौन यात्रा के दौरान नगर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दिया।
अंत में समाजजनों ने दिवंगत माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
